यह गुरुद्वारा तख्त सचखंड साहिब से तकरीबन ३ मील की दूरी पर स्थित है। गुरुद्वारा संगत साहिब में श्री गुरु गोबिंद सिंघ जी ने अपनी सिख फौज तथा बादशाह बहादुर शाह की शाही फौज को जो तलब बांटी थी, वह गुप्त खजाना इसी स्थान से निकलवा कर मंगवाया था। श्री गुरु नानक देव जी बिदर जाने से पहले इस स्थान पर आकर रुके थे। .
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