Guru Gobind Singh Ji


Gurudwara Ratangadh

गुरुद्वारा नानकसर साहिब
  गुरुद्वारा रतन गढ़ साहिब  
  गुरुद्वारा गुपतसर साहिब  
  गुरुद्वारा यादगार साहिबजादे, देगलूर  
  गुरुद्वारा भगत धन्ना जी  
  पंजाब के गुरुद्वारे  
 
 
Gurudwara Ratangadh
गुरुद्वारा रतन गढ़ साहिब
यह गुरुद्वारा तख्त सचखंड साहिब जी से कोई तेरह किलोमीटर की दूरी पर रत्नागिरी की पहाड़ियों पर स्थित है। यह उसी रोड पर स्थित है जिस पर गुरुद्वारा नानकसर साहिब बना हुआ है। नानकसर साहिब से यह गुरुद्वारा कोई तीन किलोमीटर की दूरी पर है।

श्री गुरु गोबिंद सिंघ जी के सचखंड गमन करने के कारण खालसा पंथ में शोक की लहर दौड़ गई थी। लोगों को अपना जीवन उद्देश्य विहीन महसूस हो रहा था। गुरु जी ने उस समय इस स्थान पर रहने वाले एक संत को घोड़े तथा बाज सहित दर्शन दिये तथा उसे नांदेड़ मे शोक प्रकट कर रहे खालसा पंथ के पास संदेश देकर भेजा “ मैं हमेशा आपके साथ हूं आप फिक्र न करें।“ उन्होंने यह संदेश भी दिया कि सभी ह‍रि कीर्तन करें तथा सतनाम का जाप करें।
 
 
Gurudwara Ratangadh        Gurudwara Ratangadh
 
गुरु जी का संदेश लेकर वह संत तख्त सचखंड की और गया तथा पंथ को गुरु जी का संदेश दिया। लोगों ने जब अस्तबल में गुरु जी के घोड़े तथा बाज को गायब पाया तो उन्होंने संत की बातों पर यकीन कर लिया। इस स्थान पर गुरुद्वारा साहिब की सेवा संत बाबा निधान सिंघ जी ने करवाई थी। संत बाबा शीशा सिंघ जी ने इधर आठ किलोमीटर लंबी सिमेंट की सड़क बनवाई थी जो गुरुद्बारा नानकसर को तथा गुरुद्वारा रतनगढ़ को नांदेड़- मुंबई उच्चपथ से जोड़ती है।
 
Gurudwara Ratangadh
खेत खलिहान
 
वर्तमान में इस सड़क के दोनों ओर गुरुद्वारा लंगर साहिब के नाम कई एकड़ उपजाऊ भूमि है। इस जमीन पर उपजाया जाने वाला अन्न तथा सब्जियां गुरु के लंगर में इस्‍तेमाल की जाती हैं। इस स्थान पर भी संगत के लिये २४ घंटे अटूट लंगर उपलब्ध रहता है।
 
Gurudwara Ratangadh Milk produced here is used for Langar at Gurudwara Langarsahib.
माल डंगर
 
इस स्थान पर गुरुद्वारा साहिब के कई पालतु पशु भी हैं जिनके लिये चारा, पानी तथा पशु घर की उत्तम व्यवस्था की गई है। गाय-भैंस आदि के दूध को गुरुद्वारा लंगर साहिब में प्रयुक्त किया जाता है।
 
 












Guru Nanak Dev Ji