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श्री गुरु नानक देव जी
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उल्लेखनीय है कि खालसा मात्र किसी खास पहरावे या वेश भुषा का नाम नही है। यों एक दीक्षित सिख को पांच तरह के चिन्ह शरीर पर धारण करने अनिवार्य हैं। ये हैं – केश, कंघा, कड़ा, कृपाण तथा कच्छ।
श्री गुरु नानक देव जी ने मनुष्य को ८४ लाख कष्टदायक योनियों से छुटकारा प्राप्त करने के लिये एक ईश्वर के नाम का हर वक्त सुमिरन करते रहने का उपदेश दिया है। साथ ही आपने संयम का जीवन व्यतीत करने के लिये भी कहा है। सिख गुरु दर्शन के अनुसार ईश्वर को प्राप्त करने के लिये जंगल या पहाड़ों में जाकर शरीर को गैर जरुरी कष्ट देकर साधना करनी आवश्यक नही है। अपितु गृहस्थ आश्रम में ही रहते हुये जीवन को एक खास सांचे में ढालकर हंसते-खेलते, पहनते तथा खाते हुये मोक्ष प्राप्त किया जा सकता है।
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