Guru Gobind Singh Ji
Message Of Jatthedar Baba Narinder Singh Ji

प्यारी साध संगत जी,

गुरु साहिबान के आशीर्वाद से तथा समूह नानक नाम लेवा संगत के सहयोग से सन् २००८ में खालसा पंथ, जुग-जुग अटल, साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का ३०० वाँ वर्ष गुरुता गदी दिवस तथा श्री गुरु गोबिन्द सिंघ जी महाराज का ३०० वाँ वर्ष सचखंड गमन दिवस बड़ी ही श्रद्धा भावना के साथ मना रहा है। चूँकिउपरोक्त दोनों घटनायें नांदेड़ की पवित्र धरती के ऊपर ही घटित हुई थी अत: स्वाभाविक ही इस धरती के ऊपर ये दिन बहुत ही उच्चस्तर पर मनाये जाने के कार्यकर्म निर्धारित किये गये हैं। लाखों की संख्या में इस मौके पर देश-विदेश से संगत का जमाव नांदेड़ की पवित्र धरती के ऊपर होना है। अनमतियों (गैर सिख) के भी हजारों की संख्या में इस मौके पर पहुंचने की आशा है। इसलिये भारी तायदाद में रिहायश, लंगर प्रबंध तथा अन्य साजो-सामान की व्यवस्था करने की आवश्यक्ता है। गुरुद्वारा लंगर साहिब के निश्काम सेवकों ने पूरी फिक्र के साथ इस वक्त को संभालने का यत्न आरंभ कर दिया है। सम्पूर्ण हो चुकी सेवाएँ, चल रही सेवाएँ तथा भविष्य की योजनाओं का खुलासा आगे विस्तार पूर्वक दिया गया है।
अपने कार्य सतगुरु जी ने स्वयं करने होते हैं। जरिया (माध्यम) गुरु घर की श्रद्धालु, सिदकवान संगत को बना देते हैं। अतः समूह संगत को विनती की जाती है कि इस महान यज्ञ में तन मन तथा धन से सहयोग करके गुरु पातशाह जी की खुशियाँ प्राप्त करे ताकि ‘इह लोक सुखीए परलोक सुहेले’ हो जायें।




गुरु घर का कूकरः
नरिंदर सिंघ।
वर्तमान अध्यक्ष
Sant Baba Narinder Singh Ji Kar Sewa Wale
जत्थेदार बाबा नरिंदर सिंघ जी
गुरुद्वारा लंगर साहिब, नांदेड़
महाराष्ट्र पिन – ४3१ ६०१












Guru Nanak Dev Ji